“Dhyan” (ध्यान) पुस्तक आत्मशांति, एकाग्रता और अध्यात्म की गहराई को समझाने वाली अद्भुत कृति है।
रामकृष्ण संघ द्वारा रचित यह पुस्तक जीवन में मानसिक संतुलन, आंतरिक शक्ति और आत्म-साक्षात्कार की दिशा में मार्गदर्शन करती है।
इसमें बताया गया है कि ध्यान केवल बैठने या मौन रहने का अभ्यास नहीं, बल्कि अपने भीतर झाँकने और स्वयं को जानने की एक आध्यात्मिक यात्रा है।
पुस्तक में ध्यान की विभिन्न विधियाँ, मन की चंचलता को नियंत्रित करने के उपाय, और नियमित साधना के प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
यह किताब उन सभी के लिए उपयोगी है जो जीवन में शांति, स्थिरता और आत्मज्ञान की खोज में हैं।