“Na Bhuto Na Bhavishyati” एक गूढ़, प्रेरणादायक और चिंतनशील पुस्तक है, जो जीवन, धर्म, इतिहास और चेतना को नए दृष्टिकोण से समझाती है।
पुस्तक का शीर्षक “ना भूतो ना भविष्यति” यह संकेत देता है कि जो अद्वितीय है, जो असाधारण है, वह न कभी पहले हुआ है और न आगे होगा।
किताब में जीवन की वास्तविकता, आध्यात्मिकता, मानसिक विकास, मानवीय मूल्यों और आत्मचिंतन जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा की गई है। यह पाठक को सोचने पर मजबूर करती है और एक गहरा आत्मबोध प्रदान करती है।
इस पुस्तक की भाषा सरल होते हुए भी गहराई से भरी है, जिससे हर उम्र का पाठक इसे समझ और महसूस कर सकता है।