“Why Men Don’t Listen and Women Don’t Understand” (हिंदी संस्करण) पुरुषों और महिलाओं की मनोवैज्ञानिक भिन्नताओं को सरल, मज़ेदार और व्यवहारिक तरीके से समझाने वाली पुस्तक है।
यह किताब बताती है कि पुरुष और महिला अलग-अलग सोचते, महसूस करते और प्रतिक्रिया देते हैं—और इन अंतर को समझकर रिश्तों, संवाद और जीवन में सामंजस्य बढ़ाया जा सकता है।
लेखक ने वैज्ञानिक शोध, रोजमर्रा के उदाहरण और हास्यपूर्ण शैली में यह समझाया है कि:
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पुरुष कम बोलते क्यों हैं
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महिलाएँ भावनाएँ ज़्यादा क्यों व्यक्त करती हैं
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दोनों एक-दूसरे को गलत क्यों समझ लेते हैं
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रिश्तों में झगड़े कैसे कम किए जा सकते हैं
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प्रभावी संवाद कैसे बनाया जाए
यह पुस्तक पति-पत्नी, प्रेमी-प्रेमिका, परिवारों और हर उस व्यक्ति के लिए उपयोगी है जो रिश्तों को बेहतर बनाना चाहता है।