रिटायरमेंट जीवन का वह दौर है जब व्यक्ति अपने लिए समय निकाल सकता है और जी सकता है। लेकिन यह तभी संभव है जब आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से जीवन संतुलित हो। रिटायरमेंट के बाद खुशहाल जीवन के लिए सबसे ज़रूरी है सही फाइनेंशियल मैनेजमेंट, ताकि पैसों की चिंता न रहे।
स्वास्थ्य के लिए नियमित योग, वॉक, उचित आहार और समय पर नींद बेहद जरूरी है। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना मानसिक शांति देता है और अकेलापन दूर करता है। इस समय में आप अपने पुराने शौक जैसे—बागवानी, पढ़ना, यात्रा, संगीत या कोई नई कला भी सीख सकते हैं।
आध्यात्मिकता और मेडिटेशन से मन शांत और संतुलित रहता है। यही चीज़ें मिलकर रिटायरमेंट के बाद जीवन को सुंदर, खुशहाल और अर्थपूर्ण बनाती हैं।